Founder

9

 

ॐअर्हम्

 

मैं श्री आत्म वल्लभ जैन कन्या स्नातकोत्तर महाविधालय से जुड़े समस्त न्यासीगण, प्रबंधन समिति के सदस्यगण, दानदाता सज्जन, संकाय सदस्य तथा प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से सहयोगी रहे सभी व्यक्तियों के प्रति दिल की गहराई से कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ जिनकी कड़ी मेहनत, लगन ब निष्ठा के फलस्वरूप महाविधालय सफलता के सोपान चढ़ता जा रहा है औरशेक्षिक स्तर पर इस क्षेत्र की बेटियां परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त कर स्नातकोत्तर का नाम रोशन कर रही हैं । राजस्थान जैसे पिछड़े प्रदेश में बेटियों का पढाई के प्रति समर्पण व नई ऊंचाइयों छूने की ललक सामाजिक बदलाव का जयघोष कर रहा है । इसकी ध्वनि उन छ: जिलों में स्पष्ट सुनाई दे रही है जहां महाविधालय स्तर पर शिक्षा प्राप्त करने वाली लड़कियों की संख्या लड़कों से आगे निकल चुकी हैं । राज्य में निजी विश्वविधालयों एवं महाविधालयों की भरमार होने के बावजूद दसवीं व बारहवीं बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाली छात्राओँ के अभिभावकों के सामने यह समस्या रहती है कि वे उच्च शिक्षा के लिए ऐसा कौन सा महाविधालय चुनें जो शिक्षा के स्तर को बरकरार रखने के साथ साथ हर लिहाज से सुरक्षित हो । मैं गर्व के साथ कह सकता  हूं कि श्री आत्म वल्लभ जैन कन्या स्नातकोत्तर महाविधालय में पहुंचकर अभिभावक पूर्ण रूप से संतुष्ट दिखाई देता है । विगत 1 5 वर्षों में हमने आशानुकूल सफलता प्राप्त की हैँ ।

 गच्छाधिपति आचार्य भगवन्त श्री मद विजय नित्यानन्द सूरीश्वर जी म .सा. के शुभाशीष एवं साथ्वी श्री पूर्णप्रज्ञा जी म.सा. की प्रेरणा से सामाजिक बदलाव के इस अभियान में श्री आत्म वल्लभ जैन कन्या स्नातकोत्तर महाविधालय सक्रिय भूमिका निभा रहा है । आशा है की आप सब के सहयोग से हम भी विश्व प्रसिद्ध सफलतम शिक्षण संस्थाओं की भांति गौरवपूर्ण  स्थान प्राप्त करेंगे ।